आईओएकॉन 2025 के 70 वें वार्षिक सम्मेलन में सिवान के डा रामेश्वर को मिली सराहना।
कृष्ण मोहन शर्मा, December 23, 2025

असम के गुवाहाटी शहर में आयोजित सबसे बड़े आर्थोपेडिक कांफ्रेंस आईओएकॉन 2025 के 70 वें वार्षिक सम्मेलन में बिहार के प्रख्यात आर्थोपेडिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन में शामिल सिवान के डॉ रामेश्वर कुमार को विशेष फैकेल्टी इनवाइट "सेव द नी मिशन" को राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय सराहना मिली। इस सराहना से डॉ रामेश्वर काफी उत्साहित है तथा इसे गर्व का क्षण मानते है। उन्होंने सम्मेलन को अपने संबोधन में अपने “सेव द नी मिशन” के अंतर्गत पिछले चार वर्षों में किए गए कार्यों का विस्तृत प्रेजेंटेशन देश-विदेश से आए हड्डी रोग विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किया। अपने प्रेजेंटेशन में डॉ. रामेश्वर ने बताया कि किस प्रकार ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर अब तक 3 लाख से अधिक लोगों को बिना दवाइयों के साइड इफेक्ट और बिना ऑपरेशन के घुटने के दर्द से राहत दिलाई गई है। उन्होंने बताया कि जीवनशैली में बदलाव, वजन नियंत्रण, नियमित एक्सरसाइज, मेडिटेशन और सुरक्षित सप्लीमेंट्स के माध्यम से घुटने के दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है और जोड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। डॉ. रामेश्वर ने यह भी साझा किया कि आज उनके मिशन से 35 से अधिक देशों के लोग जुड़ चुके हैं और हजारों मरीजों को घुटना बदलने की आवश्यकता से बचाया जा सका है। कॉन्फ्रेंस में उपस्थित वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने डॉ. रामेश्वर के इस प्रयास की खुलकर प्रशंसा की। डॉक्टरों ने कहा कि आज के समय में जहां घुटने के दर्द में सीधे जॉइंट रिप्लेसमेंट की सलाह दी जा रही है, वहीं “सेव द नी मिशन” एक नैतिक और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी मरीज में पहले एक्सरसाइज, जीवनशैली सुधार, वजन घटाने और कंज़र्वेटिव ट्रीटमेंट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। डॉ. कुमार ने इस सम्मान और प्रशंसा को अपने जीवन का सबसे बड़ा पुरस्कार बताते हुए कहा कि हड्डी रोग विशेषज्ञों के बीच उनके कार्य की सराहना होना उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी अपने फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल माध्यमों से दुनिया भर के लोगों को घुटनों को स्वस्थ रखने की सही जानकारी देते है। श्रोत--डॉ.कुमार की प्रेस विज्ञप्ति
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